खरीदे गए ट्रांसफार्मरों में नहीं ली इनर्जी अनुमति
Publish News : 15 Mar 2017



क्राइम ब्रांच ने एक शातिर बदमाश को वारदात के पहले चाकू लेकर घूमते हुए पकड़ा है। वह किसी की हत्या करने के लिए अपने साथी के साथ जा रहा था।
विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के यहां पुराने ट्रांसफार्मर रिपेयर और रंगरोगन कर लगाने के नाम पर करोड़ों का खेल किए जाने का मामला सामने आया है। खासकर यह खेल भोपाल, ग्वालियर, गुना, इटारसी सहित कई शहरों में किया गया है।

भोपाल  । विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के यहां पुराने ट्रांसफार्मर रिपेयर और रंगरोगन कर लगाने के नाम पर करोड़ों का खेल किए जाने का मामला सामने आया है। खासकर यह खेल भोपाल, ग्वालियर, गुना, इटारसी सहित कई शहरों में किया गया है। पिछले एक साल में जिन 15 कंपनियों से ट्रांसफार्मर खरीदे गए हैं, उनमें से 10 कंपनियों द्वारा खरीदे गए ट्रांसफार्मरों के लिए ब्यूरो आॅफ एनर्जी एफिशिएंसी से अनुमति भी नहीं ली गई, जबकि ट्रांसफर खरीदी में बिजली कंपनी के एसओआर में भी 3 स्टार रेटिंग का ट्रांसफर खरीदे जाने का प्रावधान है, लेकिन इस नियम को भी ताक में रखकर ट्रांसफर खरीदे जा रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत भोपाल, ग्वालियर, गुना एवं इटारसी शहर में पुराने ट्रांसफार्मर रिपेयर एवं रंगरोगन के नाम पर करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता किए जाने के आरोप लग रहे हैं। बताया जाता है कि पिछले एक वर्ष से भोपाल शहर में ही 9 हजार 217 पुराने ट्रांसफार्मर का रंगरोगन कर लगाने तथा इनमें से 5 हजार 916 ट्रांसफार्मर की स्थापना नए ट्रांसफार्मर के नाम पर की गई है। इटारसी में 78, गुना में 3 हजार 918 एवं ग्वालियर में 5 हजार 617 ट्रांसफार्मर लगाए गए। इस तरह वर्ष 2015 में भोपाल जोन में कुल 15 हजार 529 पुराने ट्रांसफामर्ररों को रंगरोगन कर नए ट्रांसफार्मर के रूप में स्थापित किए गए है। इसी प्रकार उक्त शहरों में वर्ष 2014 में 14 हजार 197 तथा वर्ष 2013 में 14 हजार 719 ट्रांसफार्मर लगाए गए। सूत्रों ने बताया कि विगत एक वर्ष में बिजली कंपनी ने जिन 15 कंपनियों से नए ट्रांसफार्मर खरीदे, उनमें से 10 कंपनियों से खरीदे ट्रांसफार्मरों को ब्यूरो आॅफ एनर्जी एफिशिएंसी से अनुमति ही प्राप्त नहीं भोपाल , जबकि मप्र इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के अनुसार ब्यूरों आॅफ एनर्जी एफिशिएंसी से स्टार रेटेड ट्रांसफार्मर ही स्थापित किया जाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही ट्रांसफार्मर खरीदी में बिजली कंपनी के एसओआर में भी 3 स्टार रेटिंग का ही ट्रांसफार्मर खरीदे जाने का प्रावधान हैं।

भोपाल में खरीदे 8 करोड़ के ट्रांसफार्मर

पिछले एक वर्ष में भोपाल शहर में लगभग 8 करोड़ के ट्रांसफार्मर खरीदे गए, जो करोंद, छोला एवं कोलार सहित ओएंडएम सर्किल में स्थापित किए गए। इसी प्रकार ग्वालियर क्षेत्र में किसान अनुदान योजना में डबरा डिवीजन में 400 अवैध ट्रांसफार्मर रखे गए है, जबकि इन कंपनियों को विद्युत वितरण कंपनी से स्वीकृति प्राप्त नहीं थी। ट्रांसफार्मर खरीदी में हुए गड़बड़झाले का मामला सामने आते ही इस योजना में अनियमितता करने वाले ठेकेदार, अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई न करते हुए उनके अन्य स्थानों पर तबादले कर दिए गए।