सरकारी राशि की यूं होती थी हेराफेरी, जांच पूरी, अबतक कार्रवाई नहीं
Publish News : 19 Mar 2017



इस मामले की आर्थिक अपराध शाखा में जांच भी चल रही है। विल्सन के कार्यकाल में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के नौ बैंकों में खाते खोले जाने को लेकर जिला प्रशासन सकते में आ गया है।
<span style="font-family: Mangal; font-size: 17px; font-style: italic; font-weight: bold; background-color: rgb(255, 255, 255);">जबलपुर। पिछडा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभाग की तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन पर रुपयों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पिछले सालों के दौरान विल्सन का नाम विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति घोटाले में जोर-जोर से आया था।</span>

इस मामले की आर्थिक अपराध शाखा में जांच भी चल रही है। विल्सन के कार्यकाल में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के नौ बैंकों में खाते खोले जाने को लेकर जिला प्रशासन सकते में आ गया है। प्रशासन ने बाकायदा इसकी जांच भी कराई है, जिसमें यह साबित हुआ है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बैंक ऑफ इंडिया, नेपियर टाउन जबलपुर में खाता क्रमांक 07170100010736 है। यह पिछडा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति खाता, जो कि सहायक संचालक एवं कनिष्ठ लेखा अधिकारी के संयुक्त पद नाम से संचालित था। वर्ष 2014 में इस खाते को विल्सन द्वारा एकल खाते में परिवर्तित कराया गया।

इसी तरह इलाहाबाद बैंक सिविल लाइन जबलपुर में खाता क्रमांक 20256195475 पिछडा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के संयुक्त खाते को भी एकल खाते में परिवर्तित करा लिया गया। जिसके सबंध में दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। 

विल्सन ने नौ जनवरी, 2014 से एचडीएफसी बैंक में पांच खाते सहायक संचालक के नाम से खोले। खाता क्रमांक 50200003337662, पिछडा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति खाते में 22 फरवरी, 2017 को अंतिम शेष 283267 रुपये, खाता क्रमांक 50200003717812, अल्पसंख्यक प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति खाते में 22 फरवरी, 2017 को अंतिम शेष 406 रुपये, खाता क्रमांक 50200003717822 अल्पसंख्यक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति खाते में 22 फरवरी, 2017 को अंतिम शेष 805099 रुपये, खाता क्रमांक 50200003465448 मुख्यमंत्री स्वरोजगार अल्पसंख्यक के खाते में 22 फरवरी, 2017 को अंतिम शेष शून्य रुपये और खाता क्रमांक 50200003392712  मुख्यमंत्री स्वरोजगार पिछड़ा वर्ग खाते में 22 फरवरी, 2017 को अंतिम शेष 2566 रुपये थे।


एचडीएफसी बैंक के खाते तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन के ही पासवर्ड से संचालित हो रहे थे। इन खातों के संचालन संबंधी दस्तावेज भी कार्यालय में नहीं पाये गये हैं। विल्सन द्वारा निदान आदि पासवर्ड व उपरोक्त खातों से संबंधित पासवर्ड की विधिवत जानकारी वर्तमान सहायक संचालक आशीष दीक्षित, पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभागको आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन का बैकों में खाता खोलने का क्रम अभी तक बंद नहीं हुआ था। विल्सन ने उपरोक्त खातों के अलावा बैक ऑफ महाराष्ट्र के राइट टाउन शाखा में खाता क्रमांक 60241989035 खोला था। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और केनरा बैंक नौदरा पुल शाखा में खाता क्रमांक 0380101025330 एकल खाते पदनाम से खोले थे। 

इस प्रकार विल्सन द्वारा विभिन्न बैंकों से नौ बैकों का संचालन लगातार किया जाता रहा है। इन खातों को खोलने संबंधी शासन / वित्त विभाग के निर्देशों संबंधी प्रक्रिया की अनुमति से संबधित दस्तावेज भी विल्सन ने आज दिनांक तक वर्तमान सहायक संचालक को नहीं सौपे हैं। 
आवक, जावक पंजी और स्टाम्प पंजी अपने पास रखती थी

तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कार्यालय का आवक-जावक पंजी, स्टाम्प पंजी हमेशा अपने पास में ही रखती थी। महालेखाकार के आडिट दल द्वारा विभाग का जब आडिट किया जा रहा था, तब ऑडिट दल ने जावक पंजी व टिकिट पंजी अवलोकन के लिये मांगी थी, जो आजतक नहीं मिली है। 

जिला कोषालय अधिकारी द्वारा वर्तमान सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र क्रमांक/जि.को.ज./2017/1393 जबलपुर 17.02.2017 भेजकर तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। वर्तमान सहायक संचालक द्वारा संबंधित पत्र के जवाब में बिंदुवार जानकारी भेज दी गयी है। इस जानकारी में बताया गया है कि कार्यालयीन कैश बुक में दिनांक 10 जनवरी, 2017 को अंतिम शेष 340766 रुपये थे। इसके बाद की कैश बुक अपूर्ण पाई गई है। 

कार्यालयीन कैश बुक में केनरा बैक और बैक ऑफ इंडिया का उल्लेख है। इन बैंकों का स्टेटमेंट कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन द्वारा जिन नौ बैंकों में खातों का संचालन किया जा रहा था, उनमे से सात बैंकों के खातों का उल्लेख कैशबुक में नहीं है। 
इस संबंध में तत्कालीन सहायक संचालक जेएस विल्सन से जब हमने फोन बात करनी चाहा तो उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसी तरह जिला कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी से फोन पर बात करने की कोशिश करने पर उनका फोन आउट ऑफ कवरेज था। 

वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी सुरेश कतिया ने बताया की कलेक्टर महोदय ने जेएस विल्सन तत्कालीन सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग द्वारा विभिन्न बैकों में नौ खाते संचालित किये जाने के सबंध में मुझे जांच करने हेतु निर्देशित किया था। मेरे द्वारा जांच पूरी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट मेरे द्वारा कलेक्टर महोदय को सौंप दी गई है। जांच में पाया गया है कि तत्कालीन सहायक संचालक विल्सन ने शासन/वित्त विभाग की अनुमति लिये बिना बैकों में खाते संचालित किये हैं, जो कि एक गंभीर अनियमितता है। 

जांच रिपोर्ट आने के बाद अब देखना है कि प्रशासन तत्कालीन सहायक संचालक पर किस तरह की कार्रवाई करता है।